हरियाणा की जीवन रेखा है नहरें : रामनिवास
सुनो नहरों की पुकार मिशन ने किया परिचर्चा का आयोजन
IndiKnow, रोहतक। हरियाणा के विकास में नहरों की भूमिका विषय पर सुनो नहरों की पुकार मिशन द्वारा हरियाणा दिवस पर परिचर्चा की गई इसमें बुद्धिजीवियों, समाज सेवियों व विद्यार्थियों ने जल की शुद्धता व प्रदेश के विकास अपने विचार रखें। दिल्ली बाईपास के नजदीक नहरी पुलों पर ईश्वर सिंह दलाल, व राजवीर कालीरमन की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जवाहरलाल नेहरू कैनाल फीडर डिविजन रोहतक के कार्यकारी अभियंता रामनिवास रहे। विशिष्ट वक्ता नेकीराम कालेज के पुर्व प्राचार्य डॉ जगदेव विद्यालंकार रहे।
मुख्य वक्ता रामनिवास ने बताया कि हमारे कृषि प्रधान प्रदेश में कोई बड़ी नदी नहीं है इसकी जीवन रेखा नहरें हैं। नहरों के साफ स्वच्छ पानी की बदौलत पूरे प्रदेश में खुशहाली व हरियाली हमेशा बनी रहती है। आज प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि नहरों के पानी को पावन पवित्र रखें क्योंकि यही पानी बड़ी मात्रा में पेयजल के रूप में प्रयोग होता है और हमारे और पर्यावरण के स्वास्थ्य का भी बड़ा आधार है। उन्होंने बताया कि दूषित पेयजल से बढ़ती बीमारियों की प्रति हमें और ज्यादा सचेत होकर नहरों के जल को प्रदुषण मुक्त रखने का संकल्प लेना होगा।
विशिष्ट अतिथि
वक्ता डॉ जगदेव विद्यालंकार ने हरियाणा के इतिहास व वर्तमान तक के सफरनामा पर
विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि संयुक्त पंजाब के समय आधे से ज्यादा हरियाणा
मैं जल संसाधन बेहद कमजोर थे। हरियाणा
बनने के बाद नहरों द्वारा इस व्यवस्था को सुधारा गया जो कि आज हम साधन संपन्न बनते
जा रहे हैं वह नहरों के जल के बगैर संभव नहीं था। उन्होंने आम जन से आह्वान किया
कि वे अंधविश्वास या अन्य किसी कारण से नहरों को प्रदूषित करना छोड़े और इस जीवन
रेखा की रक्षा करें। कार्यक्रम की रूपरेखा
के साथ-साथ संचालन मिशन के संस्थापक मुख्य संरक्षक डॉ जसमेर सिंह ने किया। सभी वक्ताओं ने
एक स्वर में कहा कि हमारे प्रदेश की शक्ति, ताकत पर्यावरण, खेती और जीवन का आधार नहरों में बहता जल है। इसलिए इसे बचाना और प्रदूषण मुक्त
रखना समय की बहुत बड़ी जरूरत है। परिचर्चा में डॉ जसमेर सिंह, अजय हुड्डा, ईश्वर दलाल, डॉ रविंद्र नांदल,
राजबीर काली रमन, करण सिंह अहलावत, रणबीर मलिक, जरनैल सिंह,
देवेंद्र हुड्डा, प्रवीण बजाड, आशीष मलिक, किरण साहनी,साहिल, अंशु नांदल, कृष्णा, पवन,निशांत, अक्षिका,खुशबू, करण, मनिशा, जतीन ने भी अपने विचार रखे।
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