IndiKnow, रोहतक । विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत निगाणा स्थित शिवोम रिहैबिलिटेशन सेंटर में एक विशेष जागरूकता शिविर एवं तनाव प्रबंधन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिवोम रिहैबिलिटेशन सेंटर और इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व मनोचिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम ने किया। उनके साथ आईएमएच की विशेषज्ञ टीम में डॉ. जोगिंदर सिंह कैरो, डॉ. प्रदीप, डॉ. मोनिका और डॉ. नवनीत शामिल रहे। टीम ने छात्रों, स्टाफ और मरीजों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि आज के समय में प्रतिस्पर्धा, परीक्षा का दबाव, सोशल मीडिया और डिजिटल जीवनशैली के कारण युवा वर्ग में तनाव, चिंता और अवसाद तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में अभी भी झिझक है, जबकि यह शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।
डॉ. जोगिन्द्र केरो ने छात्रों को तनाव प्रबंधन के कई व्यावहारिक टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि जब भी तनाव महसूस हो तो अपने परिवार, दोस्तों या शिक्षकों से खुलकर बात करें। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने, नियमित दिनचर्या, 7-8 घंटे की नींद, योग-व्यायाम और मोबाइल से दूरी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसिक परेशानी को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि समय पर काउंसलिंग लेना ही समझदारी है। शिविर के दौरान डॉ. पुरुषोत्तम और उनकी टीम ने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं मरीजों की व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की और उनकी समस्याओं का समाधान बताया। इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर डॉ. राकेश सहरावत ने कहा कि इस तरह के शिविरों से युवाओं में जागरूकता आती है और वे मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं। उन्होंने आईएमएच रोहतक और डॉ. पुरुषोत्तम की टीम का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में शिवोम संस्था की ओर से डॉ. पुरुषोत्तम सहित आईएमएच की पूरी टीम को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था की ओर से डॉ. सुनीता, डॉ. अनीता, विकास जून, गौरव शुक्ला, रविंदर नरवाल, राजेश, उबैद अनवर, सविता, देवेंद्र एवं डॉ. सरिता सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।