IndiKnow, लाखनमाजरा
(रोहतक) । राजकीय महिला महाविद्यालय, लाखनमाजरा के वाणिज्य एवं
अर्थशास्त्र विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से
जागरूक बनाने तथा सुरक्षित निवेश के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘मास्टरिंग फाइनेंशियल स्किल्स फॉर यूथ’ विषय पर एक ऑनलाइन
प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह वेबिनार स्मार्ट इन्वेस्टर अवेयरनेस
प्रोग्राम के अंतर्गत निवेश संबंधी जागरूकता बढ़ाने की एक महत्त्वपूर्ण पहल रही।
इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश तथा डिजिटल वित्तीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से
परिचित करवाना था।
वेबिनार के दौरान
विद्यार्थियों को आय, बचत और निवेश के बीच के अंतर को समझाते हुए
वित्तीय अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ता ने बताया कि युवावस्था से
ही बचत की आदत विकसित करना भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थियों को अपनी आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुसार बजट बनाने, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने तथा निवेश करने से पहले संबंधित योजना की
पूरी जानकारी प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का एक
प्रमुख विषय वित्तीय धोखाधड़ी एवं साइबर ठगी से बचाव रहा। वक्ता ने विद्यार्थियों
को ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े, भ्रामक संदेशों, नकली वेबसाइटों तथा ठगों द्वारा दिए जाने वाले अवास्तविक लाभ के प्रलोभनों के
प्रति सचेत किया। उन्होंने विशेष रूप से कम समय में पैसा दोगुना करने अथवा बिना
जोखिम के अत्यधिक लाभ देने वाले दावों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट
किया कि किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले उसकी प्रामाणिकता, संबंधित संस्था की विश्वसनीयता तथा निवेश से जुड़े जोखिमों की जाँच करना
आवश्यक है।
विद्यार्थियों को
यह भी बताया गया कि निवेश संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और
विनिमय बोर्ड (सेबी—SEBI) के आधिकारिक स्रोतों एवं सत्यापित वेबसाइटों का
उपयोग करना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध निवेश योजनाओं में धन लगाने अथवा अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी
साझा करने से बचना चाहिए। वक्ता ने डिजिटल लेन-देन करते समय सतर्कता बरतने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने तथा सार्वजनिक या निःशुल्क वाई-फाई नेटवर्क के
माध्यम से डिजिटल भुगतान करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को
जागरूक उपभोक्ता एवं जिम्मेदार निवेशक बनने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय की
प्राचार्या श्रीमती इंदु सपरा ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान
डिजिटल युग में वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अत्यंत
आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को धन
का उचित प्रबंधन करने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने तथा भविष्य के लिए
बेहतर आर्थिक निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं। इस ऑनलाइन वेबिनार की
समन्वयक डॉ. अलका, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग तथा
सह-समन्वयक श्रीमती सीमा अहलावत रहीं। कार्यक्रम के आयोजन में दोनों विभागों की
सक्रिय सहभागिता रही।
