वैदिक-मंत्रों, भक्तिसंगीत, सकारात्मक सामाजिक संदेश और डांडिया नृत्य से सजी दुर्गा-पूजा की संध्या
IndiKnow, रोहतक: व्यक्ति के कल्याण एवं दिव्य समाज के निर्माण को समर्पित प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था आर्ट ऑफ़लिविंग की रोहतक इकाई ने प्रथम नवरात्रि के शुभ अवसर पर स्थानीय जेपी इंटरनेशनल स्कूल में भव्य दुर्गा पूजा उत्सव आयोजित किया। रात्रि तक चले इस कार्यक्रम में पूजन-अर्चन, भजन-गायन और पारंपरिक डांडिया नृत्य का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त आचार्यों ने वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ दुर्गा होम से किया। इस दौरान देवी-शक्ति के विभिन्न स्वरूपों का आह्वान एवं वंदन किया गया।
इसके पश्चात दिल्ली से आए ' यूथ आईकॉन', आर्ट ऑफ़लिविंग के प्रसिद्ध युवा गायक अंकित चिटकारा ने अपनी सुमधुर भजन-प्रस्तुतियों से संध्या को सुरमयी बना दिया। श्रद्धालु कभी भाव-विभोर होकर ध्यानमग्न हुए, तो कभी भक्ति के उल्लास में झूमकर नृत्य करने लगे।
आर्ट ऑफ़लिविंग की वरिष्ठ प्रशिक्षिका डॉ. अपर्णाबत्रा ने संस्था के संस्थापक, पद्म विभूषण से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी का महत्वपूर्णनवरात्रि-संदेश मंच से साझा किया कि“देवी कोई बाहरी सत्ता नहीं, अपितु हमारे अपने भीतर जीवन-शक्ति और चेतना के रूप में विद्यमान है। नवरात्र इस भीतरी शक्ति को जगाकर, नकारात्मकता समाप्त कर, सकारात्मक गुण जागृत करने का सर्वोत्तम समय है। इस सकारात्मकता की आज समाज को बहुत आवश्यकता है।“
इस अवसर पर आर्ट ऑफ़लिविंग के दो नवदीक्षित प्रशिक्षकों मोहित एवं सरोज का मंच से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पारंपरिक डांडिया नृत्य का आयोजन हुआ जिसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वकभाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भक्ति, संगीत और सामूहिक उल्लास से सराबोर रहा।
आयोजन को सफल बनाने में आर्ट ऑफ़लिविंग के प्रशिक्षकों ध्रुव शर्मा, गरिमा श्री, संजय गुप्ता, मीनाक्षी, रोशनी, विनीत एवं प्रियंकाग्रेवाल; संस्था- प्रभारी राजू रंजन तथा स्वयंसेवकों वरुण भंडूला, उषा छिल्लर, प्रवीण खत्री, दीपिका एवं अंजलि ने सक्रिय सहयोग दिया।
उत्सव में रोहतक के गणमान्य व्यक्तियों एवं शहरवासियों के अतिरिक्त हरियाणा के अन्य ज़िलों से आए श्रद्धालु भी भावपूर्वक सम्मिलित हुए। इस भक्तिपूर्ण , सुंदर आयोजन का समापन भंडारे एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।