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फूलों की वर्षा के बीच निकली महाराजा अग्रसेन की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

फूलों की वर्षा के बीच निकली महाराजा अग्रसेन की भव्य शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा शहर

🇮🇳 हिंदी📅 12 Oct 2026✍️ IndiKnow
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18 घोड़ियों पर सवार राजकुमारों ने बढ़ाई शोभा, देश के विभिन्न राज्यों से आई आकर्षक झांकियों ने मोहा मन
एक जैसी वेशभूषा में उमड़ा अग्रवाल समाज, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
दो हस्तियों को अग्र रत्न की उपाधि से नवाजा, जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती से हुआ शोभायात्रा का स्वागत

IndiKnow, रोहतक । महाराजा अग्रसेन जयंती पर रविवार को रोहतक शहर आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया। सड़कों पर फूलों की वर्षा हो रही थी, महाराजा अग्रसेन के जयकारे गूंज रहे थे और धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु झूम रहे थे। फूलों से सजे भव्य रथ पर विराजमान महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा, 18 घोड़ियों पर सवार राजकुमार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई आकर्षक झांकियों ने शोभायात्रा को यादगार बना दिया। शोभायात्रा जिस भी बाजार से गुजरी, वहां लोगों ने पुष्पवर्षा और आरती कर स्वागत किया। सड़कों के दोनों ओर शोभायात्रा देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। एक जैसी वेशभूषा में चल रहे अग्रवाल समाज के लोगों ने एकता का संदेश दिया। महिलाओं और युवाओं का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। महाराजा अग्रसेन विकास ट्रस्ट एवं महाराजा अग्रसेन सेवा सदन ट्रस्ट की ओर से आयोजित जयंती समारोह की शुरुआत सुबह साढ़े आठ बजे एक ईंट एक रुपया चौक पर ध्वजारोहण के साथ हुई। महामंडलेश्वर बाबा कपिल पुरी, महामंडलेश्वर राधेवेंद्र भारती और बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति महंत बालकनाथ के पावन सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट के चेयरमैन राजेश जैन, रोटरी इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अजीत जालान, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट दिनेश कुमार जैन, पूर्व महापौर मनमोहन गोयल, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, उद्योगपति सुरेंद्र जैन, राजेंद्र बंसल, भाजपा युवा नेता हिमांशु ग्रोवर और विजय तायल सहित समाज के गणमान्य लोगों ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद महाराजा अग्रसेन मंदिर में प्रतिमा पर केसर का तिलक लगाकर माल्यार्पण किया गया और संगीतमय महाआरती हुई।

दोपहर को झज्जर रोड स्थित वैश्य महिला महाविद्यालय में सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बाहर से आए कलाकारों ने महाराजा अग्रसेन की महिमा का गुणगान करते हुए भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। समारोह में समाज की दो हस्तियों को अग्र रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके अलावा सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।

अतिथियों ने धर्मध्वजा दिखाकर भव्य शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में सजे-धजे 18 घोड़ियों पर सवार राजकुमार सबसे आगे चल रहे थे। इनके पीछे धार्मिक धुन बजाते बैंड और भव्य झांकियां चल रही थीं। बेंगलुरु और मद्रास से मंगवाए गए रजनीगंधा, चमेली, चंदन और गुलाब के फूलों से महाराजा अग्रसेन का रथ सजाया गया था। दिल्ली के चांदनी चौक से आए कारीगरों ने फूलों की विशेष सजावट की थी। रथ के आगे चल रही गुलाब के फूलों से सजी बग्गी से लगातार पुष्पवर्षा की जा रही थी। फूलों की सुगंध और धार्मिक भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा में आगरा, हांसी, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से आई झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। भगवान शिव का तांडव नृत्य, राम दरबार, श्रीकृष्ण की मटकी, हनुमान, श्रीकृष्ण-अर्जुन का रथ, बर्फ से प्रकट होते शिवलिंग और खाटू श्याम की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। राजस्थान के डांडिया नृत्य और दिल्ली से आए शहनाई व ढोल-ताशा कलाकारों ने भी समां बांधा। भजनों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे।

शोभायात्रा महाराजा अग्रसेन मंदिर से शुरू होकर पुरानी अनाज मंडी, रेलवे रोड, भिवानी स्टैंड, शांतमई चौक, छोटूराम चौक, सोहम मंदिर, भगवान महावीर पार्क और कोर्ट रोड से होते हुए डीएलएफ चौक पर संपन्न हुई। पूरे रास्ते स्वागत द्वार बनाए गए थे। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों तथा घरों के सामने महाराजा अग्रसेन की आरती उतारी। जगह-जगह फल, लड्डू, हलवा, समोसे, नमकीन और मीठे पानी की छबील लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की गई। बाजारों में रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी।

मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि समारोह में अग्रवाल समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। ट्रस्ट प्रधान सुशील गुप्ता, लोकेश जैन और अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों को पगड़ी, पटका, मोतियों की माला और महाराजा अग्रसेन के स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन डॉ. परमभूषण आर्य ने किया।


बेटी बचाओ से लेकर नशामुक्ति तक का दिया संदेश

शोभायात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से समाज को कई महत्वपूर्ण संदेश भी दिए गए। बेटी बचाओ, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, नशामुक्ति, जल संरक्षण और पॉलीथिन मुक्त पर्यावरण पर आधारित झांकियों ने लोगों को जागरूक किया। माता-पिता के सम्मान और जियो और जीने दो का संदेश देती झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। बंदरों की बारात के माध्यम से पॉलीथिन मुक्त पर्यावरण का संदेश अनूठे अंदाज में दिया गया। इन झांकियों को देखने के लिए बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

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