IndiKnow, रोहतक। सेवा संकल्प अभियान–“सेवा मेरा योगदान” के तहत महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं जीव विज्ञान संकाय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी दिल्ली बायपास के निकट स्थित नहरी पुलों पर पहुँचे। इस दौरान ‘सुनो नहरों की पुकार’ मिशन की टीम ने उन्हें बढ़ते जल प्रदूषण, इसके प्रमुख कारणों तथा जल स्रोतों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
मिशन के स्वयंसेवकों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल प्रदूषण की समस्या को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से नहरों में प्लास्टिक, पूजा सामग्री, मूर्ति विसर्जन एवं अन्य अपशिष्ट डालने से होने वाले प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया तथा जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मिशन के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक डॉ. जसमेर सिंह ने विश्वविद्यालय से आए प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को मिशन की कार्यप्रणाली एवं अब तक किए जा रहे विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी भी आवश्यक है।
इस मौके पर मिशन के महासचिव अजय हुड्डा, वरिष्ठ सदस्य संतलाल बुधवार, राजबीर कालिरमण, साहब सिंह धामड़, अशोक मलिक, रविंद्र नांदल, डॉ. शमशेर धनखड़, रणबीर मलिक, नरेंद्र अहलावत, गौरव मलिक सहित पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं जीव विज्ञान संकाय की प्रो. अनिता सहरावत, प्रो. रचना, प्रो. बबिता एवं प्रो. मीनाक्षी नांदल आदि उपस्थित रहे।