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पांच साल की मुहिम रंग लाई, नहरों के पुलों पर लग रही सुरक्षा ग्रिल

पांच साल की मुहिम रंग लाई, नहरों के पुलों पर लग रही सुरक्षा ग्रिल

🇮🇳 हिंदी📅 02 Aug 2026✍️ Indi Know
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पांच साल की मुहिम रंग लाई, नहरों के पुलों पर लग | पांच वर्षों तक लगातार जनजागरण, अधिकारियों से संवाद और जल - IndiKnow 24x7

Indiknow, रोहतक। पांच वर्षों तक लगातार जनजागरण, अधिकारियों से संवाद और जल प्रदूषण रोकने, पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाने लगे हैं। 'सुनो नहरों की पुकार मिशन' की पहल पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने शहर से गुजर रही जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) फीडर नहर के प्रमुख पुलों पर ऊंची लोहे की जालीदार सुरक्षा ग्रिल लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। अब तक चार प्रमुख पुलों  पर यह कार्य पूरा हो चुका। एक समय था जब इन पुलों से प्रतिदिन प्लास्टिक की थैलियों में भरी धार्मिक सामग्री, निर्माल्य और अन्य कचरा नहर में फेंका जाता था, लेकिन अब सुरक्षा ग्रिल लगने से इस पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है।

मिशन के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक डॉ. जसमेर सिंह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से प्रतिदिन शाम को मिशन के स्वयंसेवक नहरों के पुलों पर खड़े होकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। उन्हें समझाया जाता रहा कि प्लास्टिक और धार्मिक सामग्री नहर में न डालें, क्योंकि यही पानी हजारों लोगों के घरों तक पेयजल के रूप में  भी पहुंचता है। बावजूद इसके कुछ लोग जल्दबाजी या अंधविश्वास के चलते पुलों से प्लास्टिक बैगो और थैलियों में भरी सामग्री नहर में फेंकते रहे, जिससे जल प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मिशन के सदस्यों ने जेएलएन फीडर नहर के कार्यकारी अभियंता रामनिवास के समक्ष यमुना के पुलों की तर्ज पर ऊंची सुरक्षा ग्रिल लगाने का सुझाव रखा। उन्होंने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय तक पहुंचाया। विभाग की स्वीकृति के बाद जेएलएन नहर के चार प्रमुख पुलों पर ग्रिल लगाने का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य चार पुलों पर भी यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

मिशन ने इस जनहित पहल के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ राकेश चौहान, मुख्य अभियंता सुरेश यादव, अधीक्षण अभियंता सतीश जनावा, कार्यकारी अभियंता रामनिवास तथा विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। मिशन ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल नहरों में प्लास्टिक और धार्मिक कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाएगी, बल्कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। डॉ जसमेर सिंह, अजय हुड्डा, ईश्वर सिंह दलाल, डॉ रविंद्र नांदल, राजवीर कालीरमन, डॉ संतलाल बुधवार, साहब सिंह धामड, अशोक मलिक, रणबीर मलिक, सुरेश मलिक, संतलाल हंस, निर्मल पन्नू, जतिन मलिक, हिमांशु अहलावत, वंदना वर्मा, कैप्टन जगबीर मलिक, वेदपाल नैन आदि ने सभी का आभार व्यक्त किया है।

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