IndiKnow 24x7 ताज़ा हिंदी समाचार · हर क्षण
एनेस्थीसियोलॉजिस्ट को दिया संकट प्रबंधन, टीम वर्क, संचार के बारे में प्रशिक्षण

एनेस्थीसियोलॉजिस्ट को दिया संकट प्रबंधन, टीम वर्क, संचार के बारे में प्रशिक्षण

🇮🇳 हिंदी📅 10 Mar 2026✍️ IndiKnow
WhatsApp Telegram X / Twitter

एनेस्थीसियोलॉजिस्ट को दिया संकट प्रबंधन, टीम | पीजीआईएमएस के एनेस्थीसिया विभाग ने पहली बार उत्तर भारत - IndiKnow 24x7

Indiknow, रोहतक । पीजीआईएमएस के एनेस्थीसिया विभाग ने पहली बार उत्तर भारत में वाइटल एनेस्थीसिया सिम्युलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऑपरेशन थिएटर के डॉक्टर्स और सहकर्मियों को संकट प्रबंधन, टीम वर्क, और संचार के बारे में प्रशिक्षण देना था, जिससे वे पेरिऑपरेटिव संकट प्रबंधन कौशल को बढ़ा सकें और सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रैक्टिस का पालन कर सके। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित कुलपति डॉ एचके अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित करके किया। डॉ अग्रवाल ने पेरिऑपरेटिव रोगी सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने और एनेस्थीसिया पोस्ट ग्रेजुएट प्रशिक्षुओं के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ एचके अग्रवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम ऑपरेशन थिएटर कर्मियों के लिए बहुत उपयोगी है और इससे उन्हें अपने कौशल को बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ एसके सिंघल  ने संकट प्रबंधन, इंटर डिपार्टमेंटल टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला और इस कार्यक्रम की संरचना और कार्यान्वयन की प्रशंसा की। वर्कशॉप के दौरान हरियाणा मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ सतीश खट्टर भी उपस्थित थे। डॉक्टर सिंघल ने बताया कि इस कार्यक्रम में 10 एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, 2 सर्जन, 2 गायनकोलॉजिस्ट, 4 तकनीशियन और 4 नर्सों ने भाग लिया। सिम्युलेशन सीनारियो में डिफिकल्ट एयरवे, पेडियाट्रिक कंप्लिकेशन्स, ऑब्स्टेट्रिक कंप्लिकेशन्स और ऑपरेशन थिएटर में बर्नआउट को संभालने के बारे में प्रैक्टिस की गई।

कार्यक्रम के दौरान डॉ सुशीला तक्षक सीनियर प्रोफेसर एनेस्थीसिया, डॉ मोनिका छिकारा प्रोफेसर एनेस्थीसिया, डॉ सैलजा, डॉ उमा, डॉ मनोज, डॉ अरुण, डॉ योगिता, और डॉ गीता मुख्य प्रशिक्षक रहे । इस कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशीला तक्षक और डॉ मोनिका छिकारा ने किया। डॉ मोनिका छिकारा ने बताया कि इस कार्यशाला की विशेषता यह थी कि इसमें कई विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिक्स भी शामिल थे, जो कुशल टीम वर्क सीखने के लिए एक साथ एकत्रित हुए थे ।

More from 24x7

← मुख्य पृष्ठ पर वापस जाएं / Back to IndiKnow