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बजट पूर्व हरियाणा के व्यापारियों ने रखीं जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स गठन की मांग

बजट पूर्व हरियाणा के व्यापारियों ने रखीं जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स गठन की मांग

🇮🇳 हिंदी📅 21 Feb 2026✍️ IndiKnow
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बजट पूर्व हरियाणा के व्यापारियों ने रखीं जिलों | /रोहतक। हरियाणा विधानसभा में पेश होने वाले बजट को लेकर - IndiKnow 24x7

Indiknow, चंडीगढ़/रोहतक। हरियाणा विधानसभा में पेश होने वाले बजट को लेकर प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई हैं। राष्ट्रीय जनउद्योग व्यापार संगठन की ओर से बजट से पूर्व सरकार के समक्ष व्यापार एवं उद्योग से जुड़ी प्रमुख मांगें रखी गई हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग का कहना है कि हरियाणा देश में जीएसटी कलेक्शन के मामले में पांचवें स्थान पर है, इसके बावजूद औद्योगिक विकास और व्यापारियों को मिलने वाली सुविधाओं के क्षेत्र में प्रदेश पिछड़ा हुआ है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का योगदान राष्ट्रीय राजस्व में लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुरूप न तो औद्योगिक ढांचा मजबूत हो पा रहा है और न ही व्यापारियों को अपेक्षित सहूलियतें मिल रही हैं। विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों को जटिल नियमों, कर प्रक्रियाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है। गुलशन डंग ने प्रदेश में विशेष आर्थिक जोन की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और संसाधनों को देखते हुए यहां नए आर्थिक जोन विकसित किए जाने की अपार संभावनाएं हैं, जिनका लाभ अब तक पूरी तरह नहीं उठाया गया है।

इसके साथ ही संगठन ने एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष बजटीय प्रावधान करने की मांग की है। एमएसएमई इकाइयों के लिए सस्ती वित्तीय सहायता, आसान ऋण व्यवस्था, बिजली दरों में राहत और तकनीकी उन्नयन के लिए विशेष योजनाएं लागू करने पर जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि एमएसएमई प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें मजबूत किए बिना समग्र औद्योगिक विकास संभव नहीं है। व्यापारी नेता गुलशन डंग ने सरकार से अपील की है कि आगामी बजट में व्यापारियों और उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि हरियाणा न केवल राजस्व संग्रह में बल्कि औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता के मामले में भी अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सके।

हरियाणा में आए दिन बढ़ रही फिरौतीयो  और कानून व्यवस्था के चलते इस बजट में हरियाणा के हर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाए जिस प्रदेश में डर और भाई का माहौल हो वहां पर व्यापार और निवेश कैसे होगा और बजट बढ़ाने और घटाने का क्या औचित्य रह जाएगा।

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