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विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

🇮🇳 हिंदी📅 17 Oct 2026✍️ IndiKnow
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-सिरतार के नवीनीकृत बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन
-संस्थान के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर जोर
-दिव्यांग बच्चों के भविष्य, पेंशन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
-संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में किए जाएंगे प्रयास

IndiKnow, रोहतक। हरियाणा सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे समाज और प्रदेश की अमूल्य संपत्ति हैं। उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध करवाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना भी है।

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शुक्रवार को रोहतक स्थित राज्य पुनर्वास प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (सिरतार) के नवीनीकृत बहुउद्देशीय हॉल के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, निदेशक मुकुल कुमार आईएएस, उपायुक्त सतबीर सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, भाजपा के जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका तथा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सिरतार संस्थान लंबे समय से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण, पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान द्वारा संचालित डी.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.), बी.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.), एम.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी तथा सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन कम्युनिटी बेस्ड इनक्लूसिव डेवलपमेंट जैसे पाठ्यक्रम विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा पूरी होने के बाद उनके भविष्य, रोजगार और जीवन यापन की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चों को भविष्य में भी उचित देखभाल, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर मिलें। इस दिशा में सरकार और संस्थान को मिलकर प्रभावी योजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी नही होनी चाहिए।

उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक देखभाल की व्यवस्था की भी समीक्षा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा प्रताड़ना की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशीलता, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण के साथ बच्चों की देखभाल करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं का समाधान करना विभाग की जिम्मेदारी है और संबंधित विषयों को लिखित रूप में विभाग के संज्ञान में लाया जाना चाहिए। 

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए बच्चों को सर्दियों के लिए आवश्यक वस्त्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सम्मान एवं अपनत्व के साथ सामग्री वितरित की जाए। साथ ही संस्थान में दिनभर सेवाएं देने वाले चतुर्थ श्रेणी एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए दीपावली से पहले उनके लिए भी उचित प्रोत्साहन एवं सहयोग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की देखभाल और उनके विकास के लिए सामान्य व्यवस्थाओं से आगे बढ़कर विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। संस्थान की छोटी से छोटी समस्या पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सकारात्मक और प्रोत्साहन पूर्ण वातावरण मिल सके।

विशेष शिक्षकों की कमी दूर करने में सिरतार की अहम भूमिका : डॉ. जी. अनुपमा

 अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने कहा कि सिरतार प्रदेश का एक महत्वपूर्ण विशिष्ट संस्थान है, जिसका उद्देश्य विशेष शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। ऐसे में सिरतार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि अनेक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे उचित सहयोग, मार्गदर्शन और अनुकूल वातावरण मिलने पर सामान्य विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं तथा समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकते हैं। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गतिविधियां उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता तथा क्षमताओं का प्रमाण हैं।

 डॉ. जी अनुपमा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य बच्चों को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार के अवसरों से जोड़ना और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना होना चाहिए। समाज को भी अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाते हुए इन बच्चों को अपने बीच समान अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए। उन्होंने संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान में प्रत्येक सत्र में कम से कम 200 विद्यार्थियों के प्रवेश की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि प्रदेश में विशेष शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिले। उन्होंने संस्थान के बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने, आवश्यक पदों को भरने तथा स्पीच थेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट सहित अन्य जरूरी विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संस्थान के अधिकारियों से बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने का आग्रह किया, ताकि सिरतार को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थानों में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थान के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना और सेवा भाव से कार्य करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

सिरतार के नवीनीकृत बहुउद्देशीय हॉल से प्रशिक्षण एवं प्रतिभा प्रदर्शन को मिलेगा बेहतर मंच : निदेशक मुकुल कुमार

सेवा विभाग के निदेशक मुकुल कुमार ने कहा कि सिरतार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं दिव्यांगजनों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्ष 2008-09 से संचालित यह संस्थान बच्चों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान पूर्वक जीवन जीने की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नवीनीकृत बहुउद्देशीय हॉल बच्चों की सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामूहिक आयोजनों और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाएगा। संस्थान की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना और उनकी क्षमताओं को विकसित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। मुकुल कुमार ने संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों से समर्पण भाव के साथ कार्य करने तथा अभिभावकों से बच्चों का मनोबल बढ़ाने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिरतार भविष्य में पुनर्वास, प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संस्थान के प्राचार्य ए डी पासवान ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार एवं संस्थान के निदेशक नरेंद्र कुमार ने मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका, उपायुक्त सतबीर सिंह, रिंकू कपूर, संस्थान के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक, विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



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