दशहरे पर रोहतक के आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, 250 से अधिक ड्रोन उकेरेंगे भगवान श्रीराम की दिव्य आकृतियां
-200 फुट के रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का होगा दहन, आंखों से आग के शोले बरसाएगा दस मुखी रावण
-दिल्ली के
आतिशबाज करेंगे एक घंटे तक भव्य आतिशबाजी, मुंबई के कलाकारों की धार्मिक प्रस्तुतियां भी बनेंगी आकर्षण
-रामलीला के
दसवें दिन कुंभकर्ण, मेघनाद और
अहिरावण वध का शानदार मंचन, जय श्रीराम के
जयकारों से गूंजा मैदान
IndiKnow, रोहतक। विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार को रोहतक का आसमान भगवान श्रीराम की दिव्य आकृतियों से जगमगाएगा। पुरानी आईटीआई मैदान में श्री रामलीला उत्सव कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में 250 से अधिक ड्रोन आसमान में रामायण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों की मनमोहक आकृतियां उकेरेंगे। रविवार को आयोजित ड्रोन शो से अलग इस विशेष प्रस्तुति को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। वहीं, 200 फुट के विशाल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। दस मुखी रावण का पुतला गर्दन घुमाने के साथ आंखों से आग के शोले बरसाता नजर आएगा।
कमेटी के मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि मंगलवार 20 अक्टूबर को शाम पांच बजे दशहरा महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस दौरान दिल्ली के चांदनी चौक से आने वाले आतिशबाज करीब एक घंटे तक शानदार आतिशबाजी करेंगे। इसके बाद रात आठ बजे मुंबई से आने वाले फिल्मी कलाकार रंगारंग धार्मिक प्रस्तुतियां देंगे। जादूगर की विशेष प्रस्तुति भी दर्शकों का मनोरंजन करेगी। उन्होंने बताया कि दशहरा महोत्सव को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
कुंभकर्ण ने रावण को बताया गलत, युद्धभूमि में श्रीराम के हाथों हुआ वध
इससे पहले सोमवार को रामलीला महोत्सव के दसवें दिन कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध, रावण-मंदोदरी संवाद, सुलोचना-राम संवाद और अहिरावण वध का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया। कलाकारों के सजीव अभिनय और संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा रामलीला मैदान गूंज उठा। मंचन के दौरान रावण अपने भाई कुंभकर्ण को नींद से जगाकर युद्ध के लिए तैयार होने को कहता है। रावण जब सीता हरण और युद्ध की पूरी घटना बताता है तो कुंभकर्ण उसे गलत ठहराता है। हालांकि, भाई के प्रति अपना कर्तव्य निभाने के लिए वह युद्धभूमि में उतरता है, जहां भगवान श्रीराम के हाथों उसका वध हो जाता है। इस दृश्य पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
हनुमान के पराक्रम और मेघनाद वध के दृश्यों ने बांधा समां
रामलीला में अहिरावण द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को पाताल लोक ले जाकर देवी के समक्ष बलि चढ़ाने के प्रयास का भी रोमांचक मंचन किया गया। हनुमान पाताल लोक पहुंचकर अहिरावण का वध करते हैं और श्रीराम व लक्ष्मण को मुक्त कराते हैं। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध का मंचन हुआ, जिसमें लक्ष्मण के हाथों मेघनाद का वध होता है। इन दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रामलीला के दौरान आकाश में धूमकेतु तारा भी छोड़ा गया।
संतों के सान्निध्य में हुई भगवान श्रीराम की महाआरती
कार्यक्रम में महंत बाबा कमल पुरी महाराज के सान्निध्य में संत बाबा सुखा शाह महाराज ने रामलीला का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि समाजसेवी उद्योगपति विजय बंसल, सुरेश बंसल, बृजभूषण बंसल, भाजपा हरियाणा के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, कमेटी के मुख्य संरक्षक राजेश जैन और प्रधान सुभाष तायल ने रिमोट का बटन दबाकर मंचन का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम की संगीतमय महाआरती में भाग लिया। कमेटी की ओर से अतिथियों को मोतियों की माला, पटका, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन सतीश भारद्वाज और विजय गुप्ता बाबा ने किया।
इस अवसर पर शंकर लाल मित्तल, सुशील मंगला, जयभगवान ऐरन, रमेश रोहिल्ला, गुलशन निझावन, अनिल बंसल, दिनेश तायल, विकास कंसल, प्रवीण गुप्ता, प्रेमचंद गर्ग, वरुण सिंगल, मनोज जिंदल, सुरेश तायल, विजय तायल, विनोद जैन, राजीव जैन, सुरेंद्र बल्ली, रामकुमार पंचाल, अमित गुप्ता, सन्नी निझावन, विकास दलाल, अंकित गर्ग, योगेश अरोड़ा, वरुण शर्मा, नरेश शर्मा, राजन गोयल, संदीप गुप्ता, मनीष जैन, अमर अरोड़ा, आयुष गुप्ता, अजय गुप्ता, संजय गुप्ता, पंकज गर्ग, उमा गोयल, आशा गर्ग, बृजबाला और मीना सिंगल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।