पीजीआई विश्राम सदन प्रांगण में रक्तदान शिविर व भंडारे का आयोजन, 100 यूनिट रक्तदान
-स्वर्गीय प्रोफेसर बलजीत सिंह नांदल की पुण्य स्मृति को समर्पित रहा कार्यक्रम
IndiKnow, रोहतक। पीजीआईएमएस के विश्राम सदन प्रांगण में शनिवार को पूर्व प्रधान गैर शिक्षक कर्मचारी संघ तारीफ सिंह नांदल के बड़े भाई स्वर्गीय प्रोफेसर बलजीत सिंह नांदल की पुण्य स्मृति में रक्तदान शिविर एवं देशी घी के भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी, चिकित्सक, विद्यार्थी एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया और श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्तदान शिविर में करीब 100 यूनिट रक्तदान किया गया, जिसे पीजीआई के ब्लड बैंक में जमा करवाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ रूप सिंह, डॉ सुरेश सिंघल एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुधीर अत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नांदल खाप के प्रधान ओमप्रकाश नांदल ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। कर्मचारियों की तरफ से गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान संजय सिंहमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय प्रोफेसर बलजीत सिंह नांदल एक विद्वान शिक्षक और नेक इंसान थे। उनकी स्मृति में रक्तदान शिविर और भंडारे का आयोजन करना एक सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे कई जिंदगियां बचती हैं। पीजीआई जैसे बड़े संस्थान में रक्त की हमेशा आवश्यकता रहती है और इस तरह के शिविरों से मरीजों को बहुत मदद मिलती है। उन्होंने आयोजनकर्ता तारीफ सिंह नांदल और उनके परिवार की इस पुनीत सोच की सराहना की और कहा कि संस्थान में सेवा भावना के ऐसे कार्य हमेशा प्रेरणा देते हैं।
कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के किसी सदस्य की स्मृति में इस तरह का आयोजन पूरे परिवार को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर बलजीत सिंह नांदल का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। रक्तदान शिविर जैसे कार्य समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ और परिवार द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है और विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे सामाजिक कार्यों में हमेशा सहयोग करेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुधीर अत्री ने कहा कि हर साल देश में लाखों यूनिट रक्त की जरूरत होती है। एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि रक्तदान करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि पीजीआई में रोजाना गंभीर मरीज आते हैं, जिनके लिए यह रक्त जीवनदायिनी साबित होगा। उन्होंने स्वर्गीय प्रोफेसर को नमन करते हुए आयोजकों को बधाई दी।
कार्यक्रम के आयोजक तारीफ सिंह नांदल ने बताया कि उनके बड़े भाई स्वर्गीय प्रोफेसर बलजीत सिंह नांदल का जीवन सादगी और सेवा भाव से भरा था। उनकी पुण्य स्मृति को जीवित रखने के लिए हर साल रक्तदान शिविर और भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि भाई साहब हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे, इसलिए उनकी याद में यह सेवा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, पीजीआई प्रशासन और कर्मचारी साथियों का आभार जताया।
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान संजय सिंहमार ने कहा कि तारीफ सिंह नांदल हमारे संघ के पूर्व प्रधान हैं और हमेशा कर्मचारियों के हित और सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रोफेसर की स्मृति में आयोजित यह रक्तदान शिविर पूरे कर्मचारी वर्ग के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि संघ की तरफ से इस तरह के हर सामाजिक कार्य में पूरा सहयोग दिया जाएगा और भविष्य में भी हम सब मिलकर इस परंपरा को जारी रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में नांदल खाप प्रधान ओमप्रकाश नांदल ने कहा कि तारीफ नांदल परिवार हमेशा शिक्षा और सेवा को महत्व देता रहा है।
इस अवसर पर गैर
शिक्षक कर्मचारी संघ प्रेस सचिव बिजेंद्र शर्मा, उप प्रधान प्रवीण जांगडा, पूर्व अधीक्षक
सुरेन्द्र हुड्डा, अधीक्षक राजेन्द्र पांचाल, जयभगवान शर्मा, राजेन्द्र सैनी, जयपाल सहारण, अशोक कांगडा, डीपी महाबीर मलिक, कृष्ण गोच्छी,
दिलबाग टीओ, हरमिंद्र यादव, अमन हुड्डा, अनिल शर्मा, मलकीत सिंह, संजीव भारद्वाज, मनोज गुप्ता, चैयरमेन ब्लाक
समिति समुंद्र सिंह, चंचल नांदल, नर्सिंग एसोसिएशन प्रधान विकास फौगाट, मनोज खटाना आदि उपस्थित
रहे।
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