हनुमान के लंका दहन से गूंज उठा रामलीला मैदान, रात 200 से अधिक ड्रोन आसमान में उकेरेंगे रामायण के दिव्य दृश्य
-शबरी की भक्ति
ने किया भावविभोर, राम-हनुमान मिलन
और लंका दहन के सजीव मंचन ने जीता दर्शकों का दिल
-रोहतक में पहली
बार रामलीला के दौरान होगा भव्य ड्रोन शो, आसमान में दिखेगी आधुनिक तकनीक और आस्था की अनूठी झलक
IndiKnow, रोहतक। पुरानी आईटीआई मैदान में आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव एवं दशहरा मेले में आज रात होने वाला भव्य ड्रोन शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। रोहतक में पहली बार रामलीला के दौरान 200 से अधिक ड्रोन आसमान में भगवान श्रीराम और रामायण से जुड़े दिव्य दृश्यों की मनमोहक आकृतियां उकेरेंगे। आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था के इस अनूठे संगम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। वहीं, रामलीला के नौवें दिन हनुमान द्वारा लंका दहन के रोमांचक मंचन ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से पूरा रामलीला मैदान गूंज उठा। माता शबरी की भक्ति, भगवान श्रीराम और हनुमान के प्रथम मिलन तथा अशोक वाटिका उजाड़ने के प्रसंगों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
श्रीरामलीला उत्सव कमेटी के मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि नौवें दिन की रामलीला का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज के सानिध्य में हुआ। श्री दक्षिणेश्वर पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत आचार्य दीपक कौशिक ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाजसेवी उद्योगपति दीपक जैन, जम्बू जैन, विनोद जैन, सीए सुनील जैन, लायंस क्लब रोहतक के पूर्व प्रधान आरके जैन, कमेटी के मुख्य संरक्षक राजेश जैन तथा प्रधान सुभाष तायल ने फीता काटकर और रिमोट का बटन दबाकर रामलीला का शुभारंभ किया। अतिथियों ने भगवान हनुमान की संगीतमय महाआरती में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज रात आसमान में साकार होगी रामायण, ड्रोन शो बनेगा विशेष आकर्षण
मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि रामलीला महोत्सव एवं दशहरा मेले को यादगार बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का विशेष प्रयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज रात 200 से अधिक ड्रोन की सहायता से आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की आकर्षक आकृतियां प्रस्तुत की जाएंगी। रोशनी से जगमगाते ड्रोन आसमान में अद्भुत नजारा पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। रामलीला कमेटी के प्रधान सुभाष तायल ने कहा कि धार्मिक परंपराओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित करवाना भी आयोजन का उद्देश्य है।
शबरी की भक्ति के आगे नतमस्तक हुए भगवान श्रीराम
रामलीला के दौरान माता सीता की खोज में निकले भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की माता शबरी से भेंट का भावपूर्ण मंचन किया गया। वर्षों से प्रभु श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा कर रही शबरी ने प्रेमपूर्वक उन्हें अपने चखे हुए बेर खिलाए। भगवान श्रीराम ने शबरी के निश्छल प्रेम को स्वीकार कर भक्ति की महिमा का संदेश दिया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद शबरी के मार्गदर्शन पर श्रीराम और लक्ष्मण सुग्रीव की तलाश में आगे बढ़े, जहां हनुमान से उनकी भेंट हुई। राम-हनुमान मिलन और सुग्रीव की पीड़ा सुनकर भगवान श्रीराम द्वारा बाली वध के प्रसंग का भी प्रभावशाली मंचन किया गया।
हनुमान के पराक्रम और लंका दहन पर गूंज उठे जयकारे
रामलीला का सबसे रोमांचक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब भगवान श्रीराम की अंगूठी लेकर हनुमान माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट कर उन्होंने भगवान श्रीराम का संदेश सुनाया और शीघ्र मुक्ति का विश्वास दिलाया। इसके बाद हनुमान द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने और लंका दहन के प्रसंग को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लंका दहन के दृश्य पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
रोशनी से जगमगाया रामलीला मैदान, दशहरा मेले में उमड़ रही भीड़
मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि रामलीला महोत्सव के प्रति शहरवासियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से पूरा मैदान जगमगा रहा है। आकाश में छोड़े गए धूमकेतु तारे ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रामलीला के साथ दशहरा मेले में भी बड़ी संख्या में परिवार पहुंच रहे हैं। बच्चे दिल्ली और मुंबई से आए बिजली के झूलों का आनंद ले रहे हैं, जबकि खानपान के स्टॉलों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
कमेटी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान रामलीला उत्सव कमेटी की ओर से अतिथियों को मोतियों की माला, पटका, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन सतीश भारद्वाज और विजय गुप्ता बाबा ने किया। इस अवसर पर प्रधान सुभाष तायल, शंकर लाल मित्तल, सुशील मंगला, जयभगवान ऐरन, रमेश रोहिल्ला, गुलशन निझावन, अनिल बंसल, दिनेश तायल, विकास कंसल, प्रवीण गुप्ता, प्रेमचंद गर्ग, वरुण सिंगल, मनोज जिंदल, सुरेश तायल, सुरेश बंसल, विजय तायल, जयभगवान मंगल, राजीव जैन, सुरेंद्र बल्ली, रामकुमार पांचाल, अमित गुप्ता, सन्नी निझावन, विकास दलाल, अंकित गर्ग, योगेश अरोड़ा, वरुण शर्मा, नरेश शर्मा, राजन गोयल, संदीप गुप्ता, मनीष जैन, अमर अरोड़ा, आयुष गुप्ता, अजेश गुप्ता, संजय गुप्ता, पंकज गर्ग, उमा गोयल, आशा गर्ग, बृजबाला, अक्षित गोयल और मीना सिंगल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
